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बहुत ज़ालिम हो तुम भी मुहब्बत ऐसे करते हो

जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो

तमाम नींदे गिरवी हैं उसके पास

ज़रा सी मुहब्बत ली थी जिनसे

दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो

ये ओर बात है कि किस्मत दग़ा कर गयी

इसी बात से लगा लेना मेरी शोहरत का अन्दाजा

वो मुझे सलाम करते है जिन्हे तु सलाम करता हैं

जल गया सारा जमाना हम से

जब हमने हर दुऑ मै तेरा साथ मांगा

बुलंदी की उड़ान पर हो तो जरा सब्र रखो

परिंदे बताते हैं, आसमान में ठिकाने नहीं होते

er kasz

हो सकती है जिंदगी में मोहब्बत दोबारा भी

बस हौंसला चाहिए फिर से बर्बाद होने का

कोई हमे भी सिखा दो ये लफ्जों से खेलना

दर्द हमारे पास भी बेहिसाब है

डूबी हैं उगंलिया अपने ही लहू मे

ये कांच के टुकड़ों पर भरोसे की सजा है

नफरत सी हो जाएगी तुम्हे भी इस दुनिया से

मोहब्बत किसी से तुम बेसुमार कर के देखना

दिल की बातें जाकर के दिलदार को बताती

बड़ी ही खूबसूरती से अपनी ओकात छुपाती है

उस बेवफा ने मेरा ख़त बड़ी बेदर्दी से फाड़ा

मेरे शब्दों की हिचकियां मेरे दरवाजे तक आई

साँस तेज है बुखार तो नहीं

नब्ज़ देखना प्यार तो नहीं

बिना मेरे रह ही जायेगी कोई ना कोई कमी.

तूम जिंदगी को चाहे कितना भी संवार लो..

दुनिया बड़ी जालिम है हर बात छिपानी पड़ती है

दिल में दर्द होता है फिर भी होंठो पर हंसी लानी पड़ती है

बिन पूछे आ जाता है कभी सवाल नहीं करता है,

आखिर क्यों तेरा ख़याल मेरा ख़याल नहीं करता है !

एक घड़ीसाज का प्रेम पत्र

मैंने हमेशा 13:07 दिया तुम भी कभी मेरा 07:02

हम 02:09 को हमेशा 01:07 रहना है
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इसलिए मुझे छोड़ने की गलती 02:12 न करना

हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो में एक दिन अभी

तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल्लगी करने को

हमारी कद्र उनको होगी तन्हाईयो में एक दिन अभी

तो बहुत लोग हैं उनके पास दिल्लगी करने को

Jisam mein dard ka bahana sa bna kar

Hum toot ke rote hai teri yaad me aksar

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