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वो जो बन के दुश्मन मुझे जीतने को निकले थे

कर लेते अगर मोहब्बत मैं खुद ही हार जाता

रहता तो नशा तेरी यादों का ही है

कोई पूछे तो कह देता हुँ पी रखी है

Yeh Sab Rastay Key Saathi Thy,Inhen Akhir Bicharna Tha

Chalo Ab Ghar Chalain Mohsin,Bhat Awargi Kar Li..

पता नहीं क्या रिश्ता था टहनी से उस पंछी का

उसके उड़ जाने पर वो कितनी देर कांपती रही

देख कर उसको तेरा यूँ पलट जाना

नफ़रत बता रही है तूने महोब्बत् गजब की थी

जहर से खतरनाक है यह मोहब्बत

जरा सा कोई चख ले तो मर मर के जीता है

अब यूँ भी न परखो मेरी चाहत की गहराइयों को

बस यूँ समझ लो हर रोज़ तुम्हारा नाम लिखकर आखों से लगा लेते हैं

सजा ना दो मुझे बेकसूर हूँ मैं थाम लो मुझ को ग़मों से चूर हूँ मैं
तेरी दूरी ने कर दिया पागल सा मुझे और लोगों का कहना है के मगरूर हूँ मैं...

गरूर तो नहीं करता लेकिन इतना यक़ीन ज़रूर है..
कि अगर याद नहीं करोगे तो भुला भी नहीं सकोगे.!!!

ज़िन्दगी तो कब की खामोश हो गई है

दिल तो बस आदतां धड़कता है

कौन खरीदेगा अब हीरो के दाम में तुम्हारे आँसु

वो जो दर्द का सौदागर था मोहब्बत छोड़ दी उसने

अच्छे के साथ अच्छे रहे लेकिन बुरे के साथ बुरे नहीं बने


क्योंकि पानी से खून साफ कर सकते है लेकिन खून से खून नहीं

"पास मेरे अल्फ़ाज़ों की कोई कमी नही हैं !
पर क्या करूँ फितरत ही जरा खामोश सी हो गयी हैं !!"

मेरी बेबसी की इंतहा मत पूछो;
मैं रो के कह रहा था वो हंस के सुन रही थी.

तेरे गरूर को देख कर तेरी तमन्ना ही छोड़ दी हमने

ज़रा हम भी तो देखे कौन चाहता है तुम्हे हमारी तरह.....

मुझे नही पता कि मेरी आंखो को तलाश किसकी है

तुझे देखता हूँ तो नजरे थम सी जाती है

किसी ने कहा है एक तरफ़ा प्यार कभी ख़त्म नहीं होता

पर किसी ने भी ये नहीं कहा एक तरफ़ा प्यार कभी पूरा नहीं होता

तुम्हे तो भूल गयी
तेरी यादो को कैसे भुलु .

Vo samjh hi na sake mere dardo ko

Hame lagga unhe dikhta nahi

Shayad unhe padhna Bhi nahi atta

याद नहीं मै रूठी थी..या वो रूठा था

साथ हमारा बस जरा सी बात पे छूटा था

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