logo

Whatsapp Number: +91-90416-06444

Yesterday I was clever so I want to changing the world

But today I m wise so I am changing myself

इश्क मुकम्मल कब हुआ है जो आज होगा

इतिहास गवाह है किताबो मे भी अधुरा था हकीकत मे भी अधुरा है ..

फ़रिश्ते ही होंगे जिनका हुआ इश्क़ मुकम्मल

इंसानो को तो हमने सिर्फ बर्बाद होते देखा है

उसके दिल पर भी क्या खूब गुजरी होगी

जिसने इस दर्द का नाम मोहब्बत रखा होगा

Dhadkano Ko Bhi Rasta Dijiyea Saahib

Aap To Poore Dil Par Qabza Kiyea Baithe Hai

अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है काफिला दिल का…
सुकून ढूंढने निकले थे, नींदे भी गँवा बैठे…!!!

हथेली पर रखकर नसीब अपना

क्यूँ हर शख्स मुकद्दर ढूँढ़ता है

अजीब फ़ितरत है उस समुन्दर की

जो टकराने के लिए पत्थर ढूँढ़ता है

जिस्म से होने वाली मोहब्बत का इजहार आसान होता है

रुह से हुई मोहब्बत को समझाने में जिंदगी गुजर जाती है

स्याही थोड़ी कम पड़ गई

वर्ना किस्मत तो अपनी भी खूबसूरत लिखी गई थी

तेरी महफ़िल से उठे तो किसी को खबर तक ना थी

तेरा मुड़ मुड़ कर देखना हमें बदनाम कर गया

रोता रहा फूल सारी रात

लोग ओस कहकर वहां से गुजरते रहे

जी केसे भर जाए तुजसे दोस्त

तू मेरी कभी न मिटनेवाली भूख हे

ए इश्क़ तुझसे दिल की बात कहूँ तो बुरा तो नही मानोगे..

बहुत चैन के दिन थे तेरी पहचान से पहले..

ये समन्दर भी तेरी तरह खुद्गर्ज निकला
जिन्दा था तो तैरने ना दिया मर गया तो डूबने ना दिया

कोई हमे भी सिखा दो ये लफ्जों से खेलना

दर्द हमारे पास भी बेहिसाब है

मुझे मेरे कल कि फिक्र तो आज भी नही है

पर ख्वाहिश तुझे पाने कि कयामत तक रहेगी

Nazarein mili aur uNki ankhen jhuki

Bas itni si baat aur hum barbad

साँस तो लेने दिया करिये जनाब

आँख खुलते ही याद आ जाते हो

पता है मैं हमेशा खुश क्यों रहता हूँ क्योंकि

मैं खुद के सिवा किसी से कोई उम्मीद नहीं रखता

खामोशियाँ कर दे बयां तो अलग बात हैं

कुछ दर्द ऐसे भी हैं जो लफ्जों में उतारे नही जाते

Load More
Top