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मत पूछ कैसे गुजरे दिन, कैसी बीती रातें

बहुत तनहा जिये हैं हम तुझसे बिछड़ने के बाद..

नफ़रत भी हम हैसीयत देख के करते हैं

फिर प्यार तो बहुत दूर की बात है

लाश पता नही किस बदकिस्मत की थी मगर

क़ातिल के पैरो के निशान बड़े हसीन थे

Aapki Ada Se Hum Madhosh Ho Gaye

Aap Ne Palat Kar Dekha To Hum Behosh Ho Gaye

Yehi Ek Baat Kehni Thi Aapse

Na Jaane Kyun Aapko Dekhthe Hi Hum Khamosh Ho Gaye

माना की मरने वालों को भुला देतें है सभी

मुझ जिंदा को भूलकर तूने कहावतें बदल दी

अहसास मिटा,तलाश मिटी मिट गई उम्मीदें भी

सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है यादें तेरी

वो एक मौका तो दे हमे बात करने का.

वादा है

उन्हें भी रुला देंगे उन्ही के सितम सुना -सुना कर...

Teri Bahho Mai Aakar Sakoon Milta Hai Mujhe

Kaya Meri Tarah Yoon Hi Bekarar Ho Tum..

LaBh sE aGaR bAat nhi kR sKte toh

AAnkhon hi aAnkhon mE bAat hOnE dO

राह देखते देखते जब थक जाती हैं आँखें मेरी

तुम्हें ढूँढने को तब मेरी आँख से आँसू निकले

हुस्न वाले जब तोड़ते है दिल किसी का...

बड़ी सादगी से कहते हैं मजबूर थे हम . . .

कुछ तो बेवफाई मुझमें भी है...
जिंदा हूँ तेरे बगैर...!!

कितनी खूबसूरत हो जाती है उस वक्त दुनिया

जब कोई अपना कहता है तुम याद आ रहे हो

er kasz

वक़्त दिखाई नही देता है पर

दिखा बहुत कुछ जाता है

तुझे देखकर ही शुरू होती है मेरी हर सुबह

फिर कैसे कह दूँ के मेरे दिन खराब है

इक आग का दरिया हैं मोजों की रवानी हैं

ज़िंदगी और कुछ भी नहीं.. तेरी मेरी कहानी हैं

er kasz

सजा बन जाती है गुज़रे हुए वक्त की यादें,

न जाने क्यों छोड़ जाने के लिए जिंदगी में आ जाते हैं लोग..!!

दिल से ज़्यादा महफूज़ जगह नहीं दुनिया में

पर सबसे ज़्यादा लापता लोग यहीं से होते हैं

कोई मुझ से पूछ बैठा बदलना किस को कहते हैं

सोच में पड़ गया हूँ मिसाल किस की दूँ मौसम की या तेरी

वो अजनबी फिर से ख़ास हो रहा है,
लगता है फिर से प्यार हो रहा है..!!

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