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तेरी यादों के नशे का आदि है ये दिल

जो इसका नशा न करू तो दिल धड़कने से मना करता है

आज बरसों का जख्म उभर कर सामने आया
जब उसने किसी गैर को अपना और मुझे अजनबी बताया।

Ae Ishq Suna Tha Ke Tu Andha Hai

Phir Mere Ghar Ka Raasta Tujhe Kis Ne Bataya

मोहब्बत भी ईतनी शीद्दत से करो कि वो धोखा दे कर भी सोचे

की वापस जाऊ तो किस मुंह से

Aaj Muddat Baad Deedar-E-Yaar Hua Tha

Wohi Galiyan Wohi Raasta Jaha Mujhe Pyar Hua Tha

ये मेरी आदत मुझे चैंन से रहने न देगी...

ये मेरी तुझे सोचने की आदत .

नजर अंदाज करने की वजह कुछ तो बताते तुम

अब मैं कहा कहा खुद की बुराइया ढूँढू

ना हवस उसके जिस्म की ना शोक उसकी लज़्ज़त का

बिन मतलबी सा बन्दा हूँ उसकी सादगी पे मरता हूँ

इश्क मुकम्मल कब हुआ है जो आज होगा

इतिहास गवाह है किताबो मे भी अधुरा था हकीकत मे भी अधुरा है ..

मैं मरता हूँ तुम पर क्या तेरा इरादा है

नीम तले मिलने का अब वो वादा कर लो

Buhat yaad karta hay koi humein dil se

Na jane dil se yeh weham kiun nahe jata

मदहोश होता हूँ तो दुनियाँ को बुरा लगता हूँ

होश रहता है तो दुनियाँ मुझको बुरी लगती है

Gulshan Parast Hun Mujhy Gul He Nahi Aziz….

Kanton Se Bhi Nibah Kiye Ja Raha Hun Main

हवा से कह दो कि खुद को आजमा के दिखाये बहुत

चिराग बुझाती है एक जला के दिखाये

निकाल दे दिल से ख्याल उसका
यादें किसी की तकदीर नहीं बदला करती |

जब हम निभाते है तो कुछ इस तरह निभाते है मुहब्बत

साँस लेना छोड़ सकते है मगर दामन ऐ यार नहीं

मै रोज खून का दिया जलाऊगां

ऐ इश्क तू एक बार अपनी मजार तो बता

लिख दे मेरा अगला जन्म उसके नाम पर ऐ खुदा

इस जन्म में ईश्क थोडा कम पड गया है

Aaj Muddat Baad Deedar-E-Yaar Hua Tha

Wohi Galiyan Wohi Raasta Jaha Mujhe Pyar Hua Tha

जिस घाव से खून नहीं निकलता

समज लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है

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