मैं मरता हूँ तुम पर क्या तेरा इरादा है
नीम तले मिलने का अब वो वादा कर लो
Humko unse hai wafa ki ummeed
ye wafa ke naam tak se hai bekhabar
तुझसे से कैसे गिला ऐ नादान
कुछ रिश्तों की उम्र ही कम होती है
जितनी शिद्दत से मुझे ज़ख़्म दिए हैं उस ने
उतनी शिद्दत से तो मैंने उसे चाहा भी नहीं था..
हमे क्या पता था की मोहब्बत की राहों में गम ही गम मिलते हैं
ऐ सनम अगर हमे पता होता तो हम यु अपनी ज़िन्दगी तुम्हारे नाम न करते
आज भी कितना नादान है दिल समझता ही नहीं
बरसों बाद भी उनको देखा तो दुआएँ मांग बैठा
क्यों न सज़ा मिलती हमें मोहब्बत में आख़िर
हमने भी बहुत दिल तोड़े थे उस शख्स की ख़ातिर.....
उसे अपना कहने की बड़ी तमन्ना थी दिल मे.
इससे पहले बात लबो पर आती वो गैर हो गये...
बर्बाद कर के मुझे उसने पूछा करोगे फिर मुहब्बत मुझसे
लहू लहू था दिल मगर होंठों ने कहा इंशा अल्लाह
बस एक ही सबक सीखा है ज़िन्दगी से
जितनी वफ़ा करोगे उतना परेशान रहोगे
कौन कहता है कि मैं खूबसूरत लिखता हूँ ??
खूबसूरत तो वो लोग है जो इसे पसन्द करते हैं !!
धुँए की तरह उड़ना सीखो...
जलना तो लोग भी सीख गये हैं....
शिकायत मौत से नहीँ अपनो से थी मुझे
ज़रा सी आँख बंद क्या हुई वो कब्र खोदने लगे !
किसी के गम को उछाला नहीं करते
शौक हम ऐसे वैसे पाला नहीं करते
पागल नहीं थे हम जो तेरी हर बात मानते थे,
बस तेरी खुशी से ज्यादा कुछ अच्छा ही नही लगता था..!!
दरवाज़ों के शीशे न बदलवा
लोगों ने अभी हाथ से पत्थर नहीं फेंके
Usne jab baat karne ka lihaja badla tab ye ehsaas hua ki
ye wo lamha hai jahan rasta badalna hai
वो मिल जाए मुझे तो यू समझूंगा
के जन्नत का एलान हो गया किसी गुनाहगार के लिए
Dil lagi na ho jaye kisi se ye khayal rakhna
Tanha din to guzar jata hai lekin raatein maar deti hain
अजीब जुल्म करती है तेरी ये यादें
सोचू तो बिखर जाऊ ना सोचू तो किधर जाऊ
