नीलाम कुछ इस कदर हुए बाज़ार-ए-वफ़ा में हम आज
बोली लगाने वाले भी वो ही थे जो कभी झोली फैला कर माँगा करते थे
छू ना सकु आसमान तो ना ही सही दोस्तों
आपके दिल को छू जाये बस यही तमन्ना है
Na jaane kiske muqaddar mein wo likhi hogi
Magar ye sach hai k umeedwaar main bhi hoon
बुरा हमेशा वही बनता हे
जो अच्छा बनके टूट चूका होता हे
मोहब्बत उस से नहीं की जाती जो खूबसूरत हो
खूबसूरत वो होता है जिस से मोहब्बत हो जाती है
ये तो सच है क़ि हमें चाहने वाले बहुत हैं
पर ये भी ज़िद है क़ि हमें सिर्फ तुम चाहो
तुमसे है मुझको इश्क कहूंगा मैं यह जरुर
मशहूर है यह बात जमाने में दूर दूर
जिसको आज मुझमें हज़ारों गलतियां नज़र आती है
कभी उसी ने कहाँ था तुम जैसे भी हो मेरे हों
Aaj Muddat Baad Deedar-E-Yaar Hua Tha
Wohi Galiyan Wohi Raasta Jaha Mujhe Pyar Hua Tha
मेरी आँखों के जादु से अभी तुम कहा वाकिफ हो
हम उसे भी जीना सिखा देते हे जिसे मरने का शौक हो
Yakin mano aaj is qdder yaad aa rhye ho
jis qdder bhula diya tha hmnye tujhe
Usne Kaha Pagal Ho Tum
Humne Kaha Beshak Par Sirf Tumhare Liye
अगर पूरा ज़माना भी मेरा होता ना
जाना फिर भी हम तेरे ही होते
खुशबू क्यूँ न आये मेरी बातों से यारो
मैंने बरसोंसे एक ही फूल से मोहोब्त्त की है
एक तेरा ही नशा था जो शिकस्त दे गया मुझे
वरना मयखाने भी तौबा करते थे मेरी मयकशी से!..
मिलने को यूँ तो हमसे मिले है हजारो
वो शख्स जो सीधा दिल में उतर गया उसका हुनर कमाल था
Apna toh chaahaton mein yahi usool hain
Jab tu qubool hai toh tera sub kuch qubool hai
सुनो तुम अगर पूछलो की कैसा हूँ
तो घर में पड़ी सारी दवाइयां न फैंक दूँ तो कहना
अकसर वही रिश्ता लाजवाब होता है
जो ज़माने से नहीं ज़ज़्बातों से जन्मा होता
Suna Hai Tumhari Saltanat Main ISHQ Ki Saza Mout Hai
Lo Phir Maar Daalo Mujhe
