जख्मो को हरा रखना अच्छा लगता है
यही तो सबूत बाकि हैं तेरी मुहोब्बत के
कब तक भूगतूँ मै अब सज़ा तेरी
एइश्क गलती हो गई बस माफ़ कर अब मुझे
बेटियों के जन्म पर मातम मनाने वालों...
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आज उस घर में जाकर देखो जहाँ बेटियाँ
नही है ।।
अभी से क्यों छलक आये तुम्हारी आँख में आंसू
अभी छेड़ी कहाँ है दास्ताने जिन्दगी मैंने
वाह वाह बोलने की आदत डाल लो दोस्तों
मै मोहब्बत में अपनी बरबादियां लिखने वाला हुं
मुझे उन आंखों मे कभी आंसु अच्छे नही लगते
जीन आंखों मे मै अकसर खुद के लिये प्यार देखता हुं
ढूंढते हो क्या इन आँखों में कहानी हमारी
खुद में ग़ुम रहना तो आदत है पुरानी हमारी
🌹राख में भी नहीं जीने देते
चैन से लोग.......
दो दिन बाद आकर
वहाँ से भी आधा ले जाते है.।🌹
वेसे तो मैं ठीक हु तेरे बिछड जाने के बाद भी
बस दिल का ही डर है कही धडकना ना छोड दे
Kisi ko kya hasil hoga mujhe yaad karne se
main to ek aam insaan hun aur yaha to har kisi ko khaas ki talash hai
न हम मुस्कुराते न वो पास आते
इसी की मिली है सजा क्या करे
फिर हाज़िर हैं आपकी अंजुमन में
कोई नया दर्द हो तो ज़रूर देना
तुम छोड़ गये मुझको पर मैं बदल ना पाया आदतें
बस तुम्हें ही सोचना तुम्हें ही चाहना मेरा आज भी जुनून है
Tukde pade the raah me kisi haseen si tasveer ke
Lagta hai aaj koi deewana samajhdar ho gaya
दम तोड़ देती है माँ-बाप की ममता जब बच्चे कहते है
तुमने किया ही क्या है हमारे लिए
Hazaar Chehron May Uski Mushahbatain Milien Mjhko
Par Dil Ki Zid Thi Agr Wo Nahin To Us Jaisa Bhi Nahin.
Kadam Ruk Se Gaye Hain Phool Biktey Dekh Kar Woh
Aksar Kaha Krta Tha Muhabbat Phool Jaisi Hai
मेरे दिल ने अपनी वसीयत में लिखा है
मेरा कफन उसी दुकान से लाना जिससे वो अपना दुपटा खरीदती है
Wo Shakhs 1 Choti Si Bat Pe Yu Rooth Ke Chal Dia..
Jese Use Sadiyo Se Kisi Bahane Ki Talash Thi
राह देखते देखते जब थक जाती हैं आँखें मेरी
तुम्हें ढूँढने को तब मेरी आँख से आँसू निकले
